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सद्गुरु कबीर साहेब की दो दिवसीय सत्संग समारोह का हुआ आयोजन,रंजना साहू ने दी उपस्थिति

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*सद्गुरु कबीर साहेब की कृपा से समस्त ग्रामवासी बिरेतरा के सहयोग से दो दिवसीय सत्संग समारोह हुआ आयोजित*

*रंजना साहू और नेहरू राम निषाद ने किया जीवन-मूल्यों का स्मरण, कहा-सत्संग से होता है समाज का नैतिक उत्थान*

धमतरी / सद्गुरु कबीर साहेब की असीम कृपा से धर्मप्रीत ग्राम बिरेतरा में धर्मप्रेमी आत्म बंधुओं के सहयोग से दो दिवसीय भव्य सत्संग समारोह का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर सुश्री चंद्राकला साहेब के मुखारबिंद से सत्गुरु कबीर साहेब के मार्मिक विचारों एवं भावपूर्ण कविताओं का रसपान कराया गया, जिसने श्रोताओं को आध्यात्मिक चेतना और आत्ममंथन की दिशा में प्रेरित किया। सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान कबीर साहेब के उपदेश मानवता, सत्य, प्रेम, समानता और आडंबर-रहित जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। सुश्री चंद्राकला  ने बताया कि कबीर वाणी आज भी सामाजिक समरसता और आत्मशुद्धि का सशक्त माध्यम है, साथ ही साध्वी चंद्रकला साहेब ने समाज में हो रहे धर्मांतरण रोकने का दायित्व के सरकार का नहीं हम सभी की भी जिम्मेदारी है बताया। इस अवसर पर अपने जीवन को धन्य बनाने सत्संग सुनने मुख्य रूप में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं धमतरी की पूर्व विधायक रंजना डीपेंद्र साहू तथा छत्तीसगढ़ शासन में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद विशेष रूप से शामिल हुए। रंजना साहू ने अपने संबोधन में कहा कि सद्गुरु कबीर साहेब की वाणी मानव जीवन को सरल, सत्यनिष्ठ और करुणामय बनाने की प्रेरणा देती है। ऐसे सत्संग आयोजनों से व्यक्ति के भीतर आत्मबोध जागृत होता है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, आज के समय में कबीर साहेब के विचारों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि वे हमें भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने आयोजकों और ग्रामवासियों की सराहना करते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ते हैं। नेहरू राम निषाद ने कहा कि कबीर साहेब ने सदियों पहले जिस सामाजिक चेतना और समता का संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है, सत्संग के माध्यम से हम अपने जीवन में अनुशासन, सदाचार और सेवा भाव को आत्मसात कर सकते हैं। गांवों में ऐसे आयोजनों से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना सुदृढ़ होती है। उन्होंने कहा कि शासन एवं समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहन देकर नैतिक मूल्यों को मजबूत किया जाए। कार्यक्रम के अंत में आयोजक समिति ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। सत्संग समारोह ने ग्राम बिरेतरा सहित आसपास के क्षेत्रों में आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य रूप से पन्ना थवाईत, डॉ वीरेश्वर साहू, पारथराम साहू, नरेंद्र कुमार साहू, गजेंद्र साहू, अलखराम सेन, चितेरी राम साहू, मुन्नालाल पटेल, पुराणिक निर्मलकर, जेठू राम साहू, ठकेश्वर राम साहू, तिलक राम साहू, बलराम साहू, उत्तम साहू, चंद्रमणी साहू, बसंत राम साहू, उमेश कुमार साहू, टीकाराम साहू, धनेश्वरी भारत ध्रुव, डिगनेश साहू, दरबारी यादव, मेघनाथ सोनवानी, हनुमान प्रसाद सहित बड़ी संख्या में सत्संगी श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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