जिले के एक गांव में पारिवारिक रंजिश ने इतना विकराल रूप लिया कि एक युवा की जान चली गई। लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने मामले के सारे ताने-बाने को उधेड़ कर रख दिया और हत्यारों को जेल के सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

धमतरी/ जिले के एक गांव में पारिवारिक रंजिश ने इतना विकराल रूप लिया कि एक युवा की जान चली गई। लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने मामले के सारे ताने-बाने को उधेड़ कर रख दिया और हत्यारों को जेल के सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। आइए जानते हैं इस हैवानियत भरी वारदात की पूरी कहानी…
धमतरी जिले का एक गांव… एक ऐसी घटना जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। केरेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम माकरदोना बेहड़ापारा में भानूप्रताप मण्डावी नाम के एक नौजवान को अज्ञात लोगों ने बेरहमी से चाकू के घाव करके मार डाला। शुरुआती जांच में यह केवल एक हत्या का मामला लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने जांच के तहवें खोले, एक ऐसा सच सामने आया जो पारिवारिक दुश्मनी की कहानी कह रहा था।
मृतक के भाई राकेश मण्डावी की तहरीर पर थाना केरेगांव में मर्ग क्रमांक 39/25 दर्ज किया गया। फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने मिलकर घटनास्थल का मुआयना किया। डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस शक की पुष्टि कर दी कि यह एक सोची-समझी हत्या यानी होमिसाइड थी। जांच में खुलासा हुआ कि मौत की वजह धारदार हथियार से किए गए जानलेवा वार थे। तथ्यों के उजागर होने पर मामले को एक नए अपराध के तहत दर्ज किया गया।
लेकिन सवाल यह था कि हत्यारे कौन हैं? जिला पुलिस प्रमुख यानी एसपी धमतरी के निर्देशन में केरेगांव पुलिस, साइबर सेल और फॉरेंसिक टीम ने जांच का जाल बिछा दिया। तकनीकी सबूतों और मानवीय सूचनाओं का लगातार विश्लेषण किया गया। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई तो इस मामले में दो नाम उभरकर सामने आए – मुकेश विश्वकर्मा और उसका ससुर दुर्जन विश्वकर्मा।
पुलिस ने साक्ष्य अधिनियम की धारा के तहत दोनों से कड़ी पूछताछ की। दबाव में आकर दोनों ने हत्या कबूल कर ली। आरोपी मुकेश ने अपने बयान में खुलासा किया कि पारिवारिक झगड़े और अपनी पत्नी से जुड़ी गहरी रंजिश के चलते उसने मृतक भानूप्रताप पर चाकू से हमला बोल दिया। उसके ससुर दुर्जन ने भी इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद रहकर मृतक पर दो बार चाकू से वार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या के हथियार के तौर पर इस्तेमाल हुआ स्टील का सब्जी काटने वाला चाकू और घटना के वक्त इस्तेमाल हुआ अन्य सामान बरामद किया। गिरफ्तारी और बरामदगी के वक्त गवाह भी मौजूद थे। इन सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया और अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पुलिस की इस सफल कार्रवाई ने इलाके में एक संदेश दिया है कि कोई भी अपराध छिपा नहीं रहेगा। हालांकि, एक नौजवान की जान बचाई नहीं जा सकी, लेकिन न्याय की प्रक्रिया ने दम तोड़ने वाले के परिवार को कुछ सांत्वना जरूर दी है।

