गार्डन से निजी मकानों तक जुआ खिलाए जाने की चर्चा, कुछ दिन पहले पकड़े गए युवकों पर फिर से गतिविधियों में शामिल होने के आरोप

जिले में जुए के अवैध कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर कार्रवाई के बाद भी जुए का खेल बंद क्यों नहीं हो रहा है? क्या जुआ खेलने वालों में पुलिस का खौफ खत्म हो गया है, या फिर कार्रवाई के बाद कुछ दिनों तक शांत रहने वाले लोग दोबारा इसी अवैध गतिविधि में जुट जा रहे हैं?
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले जुआ खेलते पकड़े गए दो-तीन युवकों पर अब दोबारा जुए की गतिविधियों में शामिल होने के आरोप सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब सार्वजनिक स्थानों पर ही नहीं, बल्कि गार्डन और निजी मकानों में भी जुआ खिलाए जाने की चर्चा है। इतना ही नहीं, कथित तौर पर जगह बदल-बदलकर जुआ खिलाने की बात भी सामने आ रही है, जिससे इस गतिविधि पर नजर रखना और कार्रवाई करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
