विपक्ष ही नहीं, अपने सभापति और MIC सदस्यों के साथ भी सामंजस्य बनाने में विफल महापौर — जनता के बुनियादी मुद्दे हाशिए पर

धमतरी/नगर निगम के उपनेता प्रतिपक्ष सत्येन्द्र देवांगन ‘विशु’ ने निगम में जारी राजनीतिक खींचतान पर निशाना साधते हुए कहा कि धमतरी नगर निगम जनसेवा का केंद्र न रहकर राजनीतिक अखाड़ा बन गया है। महापौर विपक्ष ही नहीं, अपने सभापति, MIC सदस्यों और भाजपा पार्षदों के साथ भी सामंजस्य बनाने में विफल नजर आ रही हैं। आपसी विवाद और वर्चस्व की राजनीति के चलते जनता के बुनियादी मुद्दे हाशिए पर चले गए हैं।
देवांगन ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय जनसमस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट और वार्डों के विकास जैसे मुद्दों पर निगम को जवाबदेही तय करनी होगी। अपने ही सभापति के साथ विवाद, MIC सदस्यों से टकराव और सत्तापक्ष में समन्वय की कमी निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम जनता की सेवा और शहर के विकास के लिए बना है, न कि राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के लिए। महापौर को सत्ता का अहंकार छोड़कर जनहित, विकास कार्यों और नागरिकों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देनी चाहिए।
देवांगन ने कहाँ कि निगम की राजनीतिक खींचतान पर विराम लगाकर लंबित जनसमस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाए और शहर की बुनियादी सुविधाओं एवं विकास कार्यों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। महापौर को सत्ता के अहंकार और राजनीतिक टकराव की राजनीति छोड़कर निगम की गरिमा बनाए रखना चाहिए
