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धमतरी जिले में उच्च शिक्षा का असमान विस्तार जिला मुख्यालय के साथ भाजपा सरकार का विश्वासघात :- योगेश शर्मा

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धमतरी जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय असमानता की एक बड़ी खाई पैदा हो गई है। जिला गठन के बाद से लेकर अब तक हुए शैक्षणिक विकास के आंकड़े यह साफ बयां करते हैं

धमतरी/जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय असमानता की एक बड़ी खाई पैदा हो गई है। जिला गठन के बाद से लेकर अब तक हुए शैक्षणिक विकास के आंकड़े यह साफ बयां करते हैं कि राजनीतिक तुष्टिकरण के चलते जिला मुख्यालय धमतरी की अनदेखी की गई है, जिसे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष योगेश शर्मा नें राज्य की भाजपा सरकार द्वारा किया गया एक बड़ा विश्वासघात बताया हैं। आगे कहा की जिला गठन के बाद से अब तक उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना में भारी भेदभाव देखा गया है. कुरूद ब्लॉक शिक्षा के मामले में सबसे आगे रहा है, जहाँ जिला गठन के बाद रिकॉर्ड 20 नए उच्च शिक्षा संस्थान (कॉलेज व अन्य संस्थान) खोले गए धमतरी जिला मुख्यालय होने के बावजूद धमतरी ब्लॉक के हिस्से में महज 9 नए संस्थान ही आ सके। जबकि नगरी वनांचल और आदिवासी बहुल यह क्षेत्र आज भी बुनियादी शैक्षणिक संसाधनों और नए कॉलेजों की प्रतीक्षा कर रहा है। श्री शर्मा का आरोप है कि राज्य की भाजपा सरकार ने राजनीतिक लाभ के चलते विकास का पूरा रुख एक विशेष क्षेत्र (कुरूद) की ओर मोड़ दिया। जिला मुख्यालय होने के नाते धमतरी शहर को शिक्षा का मुख्य केंद्र (हब) बनना चाहिए था, ताकि पूरे जिले के छात्र यहाँ आकर पढ़ाई कर सकें।परंतु, भाजपा सरकार की कथित पक्षपातपूर्ण नीतियों के कारण धमतरी शहर को उसके जायज हक से वंचित कर दिया गया। जिला मुख्यालय के कॉलेजों में न तो पर्याप्त नए कोर्स शुरू किए गए और न ही बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया, जिससे यहाँ के युवाओं में भारी आक्रोश है। भाजपा सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे की हवा निकालते हुए यह असमानता साफ दर्शाती है कि विकास का पैमाना जनहित नहीं, बल्कि राजनीतिक रसूख रहा है।धमतरी की जनता अब इस असमान विस्तार और जिला मुख्यालय की उपेक्षा को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है।

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