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नई दिल्ली में आज कृषि, भूमि एवं जल प्रबंधन की नई नीतियों पर राष्ट्रीय कार्यशाला में विधायक ओंकार साहू

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धमतरी विधायक ओंकार साहू ने नई दिल्ली में आयोजित “राष्ट्रीय कार्यशाला : कृषि, भूमि एवं जल में सहभागिता कर कृषि, भूमि सुधार, जल संसाधन प्रबंधन तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर आयोजित तकनीकी सत्रों में भाग लिया।

धमतरी/विधायक ओंकार साहू ने नई दिल्ली में आयोजित “राष्ट्रीय कार्यशाला : कृषि, भूमि एवं जल  में सहभागिता कर कृषि, भूमि सुधार, जल संसाधन प्रबंधन तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर आयोजित तकनीकी सत्रों में भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य सभी छत्तीसगढ़   , जम्मू- कश्मीर  ,  झारखंड समेत सभी राज्यो के जनप्रतिनिधियों को कृषि क्षेत्र की नई चुनौतियों, भूमि प्रशासन एवं सुधार, जल संसाधनों के सतत प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, टिकाऊ कृषि प्रणाली, कृषि विपणन, किसानों की आय वृद्धि, सहकारी संस्थाओं की भूमिका तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों के अनुभवों और नवीन नीतिगत दृष्टिकोण से अवगत कराना था। कार्यशाला के दौरान कृषि अर्थव्यवस्था, भूमि अभिलेख एवं भूमि बाज़ार सुधार, ग्रामीण संस्थाओं को सशक्त बनाने, जल संरक्षण, सिंचाई दक्षता, जल उपयोग प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, जलवायु अनुकूल कृषि, पौध आनुवंशिक संसाधनों का संरक्षण, आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी, स्वस्थ मृदा, टिकाऊ खाद्य प्रणाली तथा वर्ष 2047 तक भारत के कृषि एवं ग्रामीण विकास के दीर्घकालिक विज़न जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों के सफल अनुभवों और नवाचारों को साझा करते हुए जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया।

विधायक ओंकार साहू ने कहा कि धमतरी एक कृषि प्रधान विधानसभा क्षेत्र है, इसलिए किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की दिशा में इस कार्यशाला से प्राप्त अनुभव अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यहां प्राप्त सुझावों का उपयोग धमतरी विधानसभा क्षेत्र में किसानों के हित में योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए किया जाएगा। विधायक ओंकार साहू ने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय कार्यशालाएं जनप्रतिनिधियों को नीति निर्माण, वैज्ञानिक सोच और व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर निर्णय लेने और क्षेत्र के समग्र विकास को गति देने में सहायता मिलती है।

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