रज़ा यूनिटी फ़ाउंडेशन, रायपुर (छत्तीसगढ़) के प्रतिनिधिमंडल ने आज माननीय छत्तीसगढ़ राज्यपाल महोदय एवं छत्तीसगढ़ राज्य मुख्य निर्वाचन आयोग के संज्ञान में एक गंभीर विषय लाते हुए ज्ञापन सौंपा।

रायपुर/रज़ा यूनिटी फ़ाउंडेशन, रायपुर (छत्तीसगढ़) के प्रतिनिधिमंडल ने आज माननीय छत्तीसगढ़ राज्यपाल महोदय एवं छत्तीसगढ़ राज्य मुख्य निर्वाचन आयोग के संज्ञान में एक गंभीर विषय लाते हुए ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से यह अवगत कराया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य के कुछ ज़िलों में SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान फ़ॉर्म संख्या–7 के दुरुपयोग द्वारा नागरिकों—विशेषकर मुस्लिम समुदाय—के नाम मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाने की साज़िश की जा रही है।
यह कृत्य न केवल भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का उल्लंघन है, बल्कि लोकतंत्र की निष्पक्षता पर भी सीधा आघात है।
रज़ा यूनिटी फ़ाउंडेशन ने मांग की कि—
फ़ॉर्म संख्या–7 के दुरुपयोग की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए।
बिना संबंधित मतदाता की जानकारी व सत्यापन के किसी भी नाम को सूची से न हटाया जाए।
दोषी अधिकारियों अथवा असामाजिक तत्वों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा की जाए।
इस अवसर पर रज़ा यूनिटी फ़ाउंडेशन के प्रमुख पदाधिकारी
मो. फहीम हक्कानी, नवेद अशरफ, डॉ. हबीबुद्दीन, डॉ. अब्दुल हफीज़, जाकिर अहमद, मो. शाहबाज़ एवं उस्मान भाई उपस्थित रहे।
फ़ाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि संगठन लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा हेतु शांतिपूर्ण, संवैधानिक और कानूनी संघर्ष जारी रखेगा तथा किसी भी समुदाय के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

