17 दिनों से दर-दर भटक रहे दिव्यांग को हाशमी ने दिलाया ट्रायसाइकिल शिवकुमार नवरंग ने सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर और पूर्व पार्षद हाशमी का आभार माना

धमतरी / नवागांव वार्ड के शिव कुमार नवरंग जो दिव्यांग होते हुए भी कई लोगो का सहारा है। जो लोग राशन दुकान से राशन अपने घर ले जाने में असमर्थ रहते है, उनका राशन शिव नवरंग अपने ट्रायसिकल में छोड़ते है। बस्ती में किसी को कोई काम हो या कोई सरकारी योजना हो घरो घर जाकर लोगो को सूचना देना, स्वास्थ्य शिविर में सहयोग करना, सामाजिक कार्य का निमंत्रण देना समेत अन्य एक से बढ़कर एक इंसानियत का कार्य शिव नवरंग द्वारा किया जाता है। दिव्यांग होकर भी नेक कामों में लगे रहने वाले शिव नवरंग का सहारा ट्रायसिकल है, जिसका लगातार कार्यों में उपयोग होने पर स्वाभाविक है वह समय से पहले जर्जर हो जाती है। 17 दिन पहले ट्रायसिकल बड़े बड़े ब्रेकर और गड्ढों में चलने के कारण बीच से टूट गयी, पाइप पतला होने के कारण वेल्डिंग और मरम्मत कर पाना भी सम्भव नहीं था। ट्रायसिकल के टूटने पर शिव नवरंग नगर निगम और समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहा था, उसे कहा गया कि विभाग द्वारा तीन साल के गेप में ही ट्राइसिकल प्रदान किया जाता है। चूंकि शिव नवरंग को ट्रायसिकल मिले ढाई साल ही हुआ था, इसलिए उसे कह दिया गया कि तीन साल से पहले दूसरा ट्रायसिकल नहीं मिलेगा। जिससे शिव बिना ट्रायसिकल के असहाय महसूस करने लगा और घुटने पर कफ़न की तरह सफेद कपड़ा बांधकर घिसट-घिसटकर चलने लगा। उसने अपनी पीड़ा को पूर्व पार्षद अवैश हाशमी को बताया। दूसरे दिन सोमवार को जनदर्शन में हाशमी ने अपर कलेक्टर से मुलाकात किए और आवेदन दिये। उन्होंने मार्क किए और संबंधित विभाग के अधिकारी से मिलने कहा, जिस पर हाशमी ने अधिकारी से मुलाकात कर आवेदन दिया और हितग्राही का पक्ष रखते हुए जर्जर ट्रायसिकल के टूटने की वस्तुस्थिति से अवगत कराया। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा और कांकेर लोकसभा के सांसद भोजराज नाग को भी वस्तुस्थिति के बारे में बताए, जिस पर तत्काल कार्यवाही हुई और शिव कुमार नवरंग को ट्रायसिकल मिला। इस पर उसने सांसद भोजराज नाग, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, कलेक्टर, अपर कलेक्टर और पूर्व पार्षद अवैश हाशमी का धन्यवाद कर आभार व्यक्त किया। घर जाकर पूर्व पार्षद हबीबुन्निसा हाशमी को श्री फ़ल भेट किया और कहा कि ट्रायसिकल खराब हुए 17 दिन हो गये थे, आने-जाने चलने फिरने के लिए मजबूर हो गया था। नगर निगम और कलेक्ट्रेट के चक्कर से परेशान हो गया, अवैश हाशमी ने मेरी पीड़ा और दर्द को समझा, उनके प्रयासों से ट्रायसिकल मिलने पर आभार व्यक्त किया।
